"wipzy Desi Sex story के प्रिय पाठको.. मेरा नाम अमन है, मैं बिहार के खगड़िया का रहने वाला हूँ।
यह मेरी पहली और सच्ची सेक्स स्टोरी है।
बात आज से दो साल पहले की है, जब मैं 12वीं में था, मुझे एक लड़की से प्यार हो गया, उसका नाम प्रीति (बदला हुआ) था, वो मेरे घर के पास की ही रहने वाली थी।
वो दिखने में गजब की थी, उसका रंग एकदम साफ़ था और उसका फिगर 32-28-32 का रहा होगा। चेहरा एकदम गोल.. आँख भूरी सी और नशा जगा देने वाली थीं।
शुरू में तो मैं कुछ नहीं कर सका, बस उस लाइन मारता रहा.. पर वो मुझे कोई रिप्लाई नहीं देती थी।
एक दिन उसकी सहेली के माध्यम से मुझे पता चला कि वो भी मुझे प्यार करती है.. पर कह नहीं पा रही है और वो थोड़ा गुस्से वाले मिजाज की है।
खैर किसी तरह सैटिंग बिठाई तो उसकी सहेली ने ही हम दोनों को एक रेस्टोरेंट में मिलाया और हमने एक-दूसरे से अपने प्यार का इजहार किया।
हम दोनों ही क्लास के बाद पढ़ाई आदि के बहाने बात कर लेते रहे। धीरे धीरे हमारी फ़ोन पर भी बातें होने लगीं.. पर अभी तक हम लोगों में कुछ भी गलत बातें नहीं होती थीं।
एक दिन अचानक उसका दिन में फ़ोन आया कि उसके घर पर कोई नहीं है और वो अभी मुझसे मिलना चाहती है। मैंने हामी भर दी और उसके घर चला गया।
उसके घर पहुँच कर मैंने दरवाजे की घंटी बजाई तो उसने ही दरवाजा खोला। वो एक नाईट सूट में थी।
मैंने पूछा- क्यों बुलाया?
तो वो मुस्कुरा कर कहने लगी- कुछ काम है.. अन्दर आओ मेरे रूम में चलो।
वो मेरा हाथ पकड़कर अपने रूम में ले गई और वहाँ जाकर मुझे किस करने के लिए कहने लगी। पर मेरा कोई गलत इरादा नहीं था.. क्योंकि मैं उससे शादी करना चाहता था।
मेरे मना करने के बावजूद वो ही मुझे किस करने लगी और हम दोनों के ऊपर वासना का ज्वर हावी होने लगा। कब हम दोनों एक-दूसरे से गूँथ गए और नंगे हो गए.. पता ही ना चला।
यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप wipzy Desi Sex story सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!
अब मैं भी उसका पूरा साथ दे रहा था। मैंने wipzy Desi Sex story पर बहुतों की कहानी पढ़ी हैं.. पर आज किसी लड़की को इतने पास से देख रहा था और उसके मम्मों को सहला रहा था। उसके मम्मे बहुत ही नर्म थे.. और उसके ऊपर निप्पल भी अभी ठीक से नहीं उठे थे।
अब में उसके मम्मों को एक-एक करके चूस रहा था और वो मादक सिसकारियां निकाल रही थी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’
cफिर मैंने उसकी बुर पर हाथ लगाया तो वो गीली-गीली सी हो चुकी थी और उस पर रोंए जैसे भूरे बाल थे।
मैं नीचे बैठकर उसकी बुर को चाटने लगा.. क्योंकि मैंने पहले ही wipzy Desi Sex story की ढेरों कहानी पढ़ी थीं, जिसमें बुर चाटने का मजा के बारे में लिखा था।
पहले तो मुझे अच्छा नहीं लगा.. पर वो मेरे सर को अपनी बुर पर दबाने लगी.. तो मैं उसकी बुर को चूसता ही रहा। अब उसकी बुर को चूसने में मुझे भी मजा आने लगा और मैं बीच-बीच में उसकी बुर को हल्के से काट भी लेता.. जिससे वो अपनी दाँतों को भींच लेती। इस सबसे मुझे बहुत मजा आने लगा था।
अब वो मुझे चोदने के लिए बोलने लगी और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी बुर पर सैट करने लगी। फिर उसने मुझे एक क्रीम की डिब्बी देकर बुर और लंड पर क्रीम लगाने के लिए कहा।
मैंने उसकी बुर पर और अपने लंड पर क्रीम को लगा लिया.. लेकिन क्रीम लगाने के बाद मुझे लगा कि मेरा लंड पहले से ही उसकी छोटी सी बुर के हिसाब से काफी लम्बा था.. और अब और तन कर लम्बा हो गया है।
मेरे भी सर पर वासना का भूत सवार हो चुका था। मैंने उसके दोनों पैर अपने कंधों पर रख लिए.. जैसा कि पोर्न मूवीज में दिखाया जाता है। अब मैंने अपने लंड को उसकी बुर पर सैट किया और उसकी बुर में पेलने लगा।
वो थोड़ा कसमसाई.. पर मेरा लंड धीरे-धीरे उसके अन्दर जाने लगा।
मेरी सोच से उल्टा वो पहले से चुदी थी और उसने मेरा पूरा लंड अन्दर ले लिया जबकि ये मेरे लिए पहली बार था।
अब वो मुझसे धक्के लगाने के लिए बोली.. तो मैंने भी ब्लू फिल्मों की तरह उसे चोदना शुरू कर दिया।
वो मेरे लम्बे लंड की चोटों से ‘आहें..’ भरने लगी।
कुछ 5 मिनट चोदने के बाद मैंने उसे डॉगी स्टाइल में आने को कहा और पीछे से उसके ऊपर चढ़ गया।
वो लंड की चुदाई के मजे से बोले जा रही थी- आह्ह.. और जोर से.. और जोर से..
उसकी बुर ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था.. जो मुझे साफ़ महसूस हो रहा था। वो पानी छोड़ने के बाद हांफने लगी। पर मेरा अभी तक नहीं हुआ था तो मैंने धक्के जारी रखे।"
यह मेरी पहली और सच्ची सेक्स स्टोरी है।
बात आज से दो साल पहले की है, जब मैं 12वीं में था, मुझे एक लड़की से प्यार हो गया, उसका नाम प्रीति (बदला हुआ) था, वो मेरे घर के पास की ही रहने वाली थी।
वो दिखने में गजब की थी, उसका रंग एकदम साफ़ था और उसका फिगर 32-28-32 का रहा होगा। चेहरा एकदम गोल.. आँख भूरी सी और नशा जगा देने वाली थीं।
शुरू में तो मैं कुछ नहीं कर सका, बस उस लाइन मारता रहा.. पर वो मुझे कोई रिप्लाई नहीं देती थी।
एक दिन उसकी सहेली के माध्यम से मुझे पता चला कि वो भी मुझे प्यार करती है.. पर कह नहीं पा रही है और वो थोड़ा गुस्से वाले मिजाज की है।
खैर किसी तरह सैटिंग बिठाई तो उसकी सहेली ने ही हम दोनों को एक रेस्टोरेंट में मिलाया और हमने एक-दूसरे से अपने प्यार का इजहार किया।
हम दोनों ही क्लास के बाद पढ़ाई आदि के बहाने बात कर लेते रहे। धीरे धीरे हमारी फ़ोन पर भी बातें होने लगीं.. पर अभी तक हम लोगों में कुछ भी गलत बातें नहीं होती थीं।
एक दिन अचानक उसका दिन में फ़ोन आया कि उसके घर पर कोई नहीं है और वो अभी मुझसे मिलना चाहती है। मैंने हामी भर दी और उसके घर चला गया।
उसके घर पहुँच कर मैंने दरवाजे की घंटी बजाई तो उसने ही दरवाजा खोला। वो एक नाईट सूट में थी।
मैंने पूछा- क्यों बुलाया?
तो वो मुस्कुरा कर कहने लगी- कुछ काम है.. अन्दर आओ मेरे रूम में चलो।
वो मेरा हाथ पकड़कर अपने रूम में ले गई और वहाँ जाकर मुझे किस करने के लिए कहने लगी। पर मेरा कोई गलत इरादा नहीं था.. क्योंकि मैं उससे शादी करना चाहता था।
मेरे मना करने के बावजूद वो ही मुझे किस करने लगी और हम दोनों के ऊपर वासना का ज्वर हावी होने लगा। कब हम दोनों एक-दूसरे से गूँथ गए और नंगे हो गए.. पता ही ना चला।
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अब मैं भी उसका पूरा साथ दे रहा था। मैंने wipzy Desi Sex story पर बहुतों की कहानी पढ़ी हैं.. पर आज किसी लड़की को इतने पास से देख रहा था और उसके मम्मों को सहला रहा था। उसके मम्मे बहुत ही नर्म थे.. और उसके ऊपर निप्पल भी अभी ठीक से नहीं उठे थे।
अब में उसके मम्मों को एक-एक करके चूस रहा था और वो मादक सिसकारियां निकाल रही थी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’
cफिर मैंने उसकी बुर पर हाथ लगाया तो वो गीली-गीली सी हो चुकी थी और उस पर रोंए जैसे भूरे बाल थे।
मैं नीचे बैठकर उसकी बुर को चाटने लगा.. क्योंकि मैंने पहले ही wipzy Desi Sex story की ढेरों कहानी पढ़ी थीं, जिसमें बुर चाटने का मजा के बारे में लिखा था।
पहले तो मुझे अच्छा नहीं लगा.. पर वो मेरे सर को अपनी बुर पर दबाने लगी.. तो मैं उसकी बुर को चूसता ही रहा। अब उसकी बुर को चूसने में मुझे भी मजा आने लगा और मैं बीच-बीच में उसकी बुर को हल्के से काट भी लेता.. जिससे वो अपनी दाँतों को भींच लेती। इस सबसे मुझे बहुत मजा आने लगा था।
अब वो मुझे चोदने के लिए बोलने लगी और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी बुर पर सैट करने लगी। फिर उसने मुझे एक क्रीम की डिब्बी देकर बुर और लंड पर क्रीम लगाने के लिए कहा।
मैंने उसकी बुर पर और अपने लंड पर क्रीम को लगा लिया.. लेकिन क्रीम लगाने के बाद मुझे लगा कि मेरा लंड पहले से ही उसकी छोटी सी बुर के हिसाब से काफी लम्बा था.. और अब और तन कर लम्बा हो गया है।
मेरे भी सर पर वासना का भूत सवार हो चुका था। मैंने उसके दोनों पैर अपने कंधों पर रख लिए.. जैसा कि पोर्न मूवीज में दिखाया जाता है। अब मैंने अपने लंड को उसकी बुर पर सैट किया और उसकी बुर में पेलने लगा।
वो थोड़ा कसमसाई.. पर मेरा लंड धीरे-धीरे उसके अन्दर जाने लगा।
मेरी सोच से उल्टा वो पहले से चुदी थी और उसने मेरा पूरा लंड अन्दर ले लिया जबकि ये मेरे लिए पहली बार था।
अब वो मुझसे धक्के लगाने के लिए बोली.. तो मैंने भी ब्लू फिल्मों की तरह उसे चोदना शुरू कर दिया।
वो मेरे लम्बे लंड की चोटों से ‘आहें..’ भरने लगी।
कुछ 5 मिनट चोदने के बाद मैंने उसे डॉगी स्टाइल में आने को कहा और पीछे से उसके ऊपर चढ़ गया।
वो लंड की चुदाई के मजे से बोले जा रही थी- आह्ह.. और जोर से.. और जोर से..
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